एटा। मरीजों को रविवार को इलाज के लिए भटकना न पड़े इसके लिए शासन के निर्देशों पर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मुख्यमंत्री जनआरोग्य मेला लगाया जाता है, लेकिन अब यह मेला औपचारिक रह गया है। मरीजों को इन पर भरोसा नहीं रहा। इसके कारण वह इनमें नहीं पहुंच रहे हैं। अगर पहुंच भी जाएं तो उन्हें समुचित इलाज नहीं मिलता है। रविवार को अमर उजाला की टीम ने इसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। 36 पीएचसी पर मेला लगाया गया, जहां अधिकांश समय मरीज नहीं थे। चिकित्सक सहित स्वास्थ्यकर्मी मरीजों के इंतजार में बैठे थे। एक पीएचसी का हाल तो यह था कि चिकित्सक तक के लिए पंखा नहीं था। भीषण गर्मी में बैठकर वह मरीजों की राह देख रहे थे।