जैथरा में धूल फांकती लेब ।संवाद
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एटा। बोर्ड परीक्षार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा का समय नजदीक आ रहा है। संभावना मानी जा रही है कि जनवरी के अंत तक परीक्षाएं कराई जा सकती हैं, लेकिन तमाम विद्यालयों में लैब में संसाधन नहीं है। जहां समान है, वहां धूल जमी हुई है। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को इसकी पड़ताल की तो विद्यालयों के प्रधानाचार्य प्रयोगशालाएं दिखाने में बहानेबाजी करते नजर आए।
शासन का आदेश मिलने के बाद डीआइओएस ने विज्ञान वर्ग की मान्यता लिए कॉलेज के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए लैब संचालित होनी चाहिए। इससे पहले विद्यार्थियों को प्रैक्टीकल भी कराए जाने चाहिए। बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में शहर से लेकर देहात क्षेत्र के कई विद्यालयों में लैब व्यवस्थित नहीं मिली। कई विद्यालयाें में लैब दिखाने में बहानेबाजी की गई।
लैब में जमी मिली धूल
जैथरा कस्बा के श्री नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज में विज्ञान वर्ग के 105 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। प्रधानाचार्य राम सिरोहन ने बताया कि उनके यहां लैब में सभी व्यवस्थाएं पूर्ण हैं, लेकिन लैब में धूल जमी थी। संसाधन थे, वो देखने के लिए रखे थे।
लैब दिखाने से काटी कन्नी
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाध्यापिका नीतू सिंह ने बताया उनके यहां तीन लैब हैं। प्रयोगात्मक परीक्षा के लिए रासायन विज्ञान की लैब पूरी तरह तैयार है। जब दिखाने की बात कही तो वह बहानेबाजी करने लगीं।