अलीगंज के स्टेडियम में खड़ी घास व झाड़ियां। संवाद
अलीगंज। खेल प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य से कायमगंज रोड स्थित अलीगंज स्टेडियम का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन वर्षों बाद भी यहां मूलभूत खेल सुविधाओं का अभाव खिलाड़ियों के सपनों पर भारी पड़ रहा है। पुलिस, सेना और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को दौड़ का अभ्यास करने के लिए स्टेडियम छोड़कर सड़कों पर दौड़ना पड़ रहा है। हर दिन तेज रफ्तार वाहनों के बीच दौड़ लगाते ये खिलाड़ी अपने भविष्य के साथ-साथ अपनी जान का भी जोखिम उठा रहे हैं।अलीगंज के स्टेडियम में न तो मानक रनिंग ट्रैक है और न ही ऐसा मैदान है जहां खिलाड़ी सुरक्षित तरीके से दौड़ का अभ्यास कर सकें। सुबह और शाम बड़ी संख्या में युवा यहां पहुंचते हैं। लेकिन उचित व्यवस्था न मिलने पर उन्हें कायमगंज रोड और अन्य मार्गों पर दौड़ लगानी पड़ती है। स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि यदि किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो जाए तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। खेल प्रेमियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए सबसे जरूरी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं। वॉलीबॉल, बैडमिंटन, टेनिस, क्रिकेट और एथलेटिक्स जैसे खेलों के लिए प्रशिक्षित कोच नहीं हैं। बिना कोच के खिलाड़ी केवल अपने अनुभव और इंटरनेट के सहारे अभ्यास कर रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिभा को सही दिशा नहीं मिल पा रही। खिलाड़ियों और अभिभावकों का कहना है कि अलीगंज स्टेडियम क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं का केंद्र बन सकता है, लेकिन इसके लिए खेल विभाग को जमीनी स्तर पर पहल करनी होगी। युवाओं ने प्रशासन से मांग की है कि स्टेडियम में रनिंग ट्रैक, प्रशिक्षित कोच और अन्य आवश्यक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं जिससे खिलाड़ियों को सड़क नहीं, बल्कि मैदान पर अपने सपनों की दौड़ पूरी करने का अवसर मिल सके।