एटा। इस मामले में विवाद की वजह दोषी पक्ष की एक किशोरी से छेड़छाड़ रही थी। मृतक पर आरोप था कि उसने दोषियों की बहन के साथ छेड़खानी की। इसी को लेकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
ब्रजेश के चाचा भरत सिंह ने उस समय दर्ज कराई रिपोर्ट में भी यह बात स्पष्ट रूप से तहरीर में लिखी थी। बाद में गवाहों के बयानों और जिरह के दौरान भी यह बात सामने आई। इसमें बताया गया कि दोषी करतार सिंह की बहन से छेड़खानी हुई थी। जिसकी शिकायत किशोरी ने अपने भाइयों से की। इसे लेकर दोषी ब्रजेश से नाराज थे। इसके चलते गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
एक आरोपी को किया बरी
इस मामले में एक आरोपी नरेंद्र के साले राहुल उर्फ कल्लन को बरी किया गया है। उसके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सका।
अवैध असलहा मामले में पांच साल की कैद
जिला शासकीय अधिवक्ता रेशपाल सिंह राठौर ने बताया कि नरेंद्र सिंह को अदालत ने अवैध असलहा रखने के मामले में 5 साल के कारावास तथा पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।