एटा। निकाय चुनाव की सरगर्मियां लगातार बढ़ रही थीं और संभावित प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे थे, लेकिन अदालत में दाखिल याचिका पर आदेश न आने के बाद सरगर्मियां ठंडी पड़ गई हैं। संभावित प्रत्याशियों की निगाहें अदालत पर हैं और उन्होंने फिलहाल चुनाव प्रचार धीमा कर दिया है। आरक्षण व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिस पर 12 दिसंबर को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 13 और इसके बाद 14 दिसंबर की तारीख लगाई, लेकिन 14 को भी याचिका का निस्तारण नहीं हो सका और हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय कर दी है। तब तक निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने पर रोक रहेगी।
इससे पहले माना जा रहा था कि 14 से 16 दिसंबर तक अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। इसी के मद्देनजर संभावित प्रत्याशियों ने अपने चुनाव प्रचार की गति बढ़ाना शुरू कर दी थी, लेकिन कानूनी उलझन से उनके उत्साह में कमी आना शुरू हो गई है। एटा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने के एक दावेदार ने बताया कि अभी तक काफी पैसा खर्च कर चुके हैं। चुनाव टलने से नुकसान होगा। नए सिरे से प्रचार पर फिर पैसा खर्च करना पड़ेगा। अपर जिलाधिकारी प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि चुनाव अधिसूचना पर निर्णय शासन स्तर से ही लिया जाएगा। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेशानुसार रोक लगी हुई है।