एटा। डेंगू, टायफाइड और वायरल बुखार के मरीजों का आंकड़ा लगातार बढ़ने से जिले में दवाओं की खपत भी बढ़ गई है। अप्रैल से जुलाई तक जिले में 1,90,400 टेबलेट की खपत हुई है। यह दवा मेडिकल कॉलेज से वितरित की गई। जुलाई माह की बात करें तो इसमें से 59,500 टेबलेट रोगी खा गए।
जिले में गर्मी के मौसम यानि अप्रैल माह में बुखार से ग्रसित लोग मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचना शुरू हो गए थे। अप्रैल व मई में संख्या इनकी कम थी। जून माह में गर्मी पड़ी तो बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा।
जुलाई माह में बरसात हुई। इसके बाद बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती गई। ऐसे में बुखार के मरीजों को डॉक्टर इलाज के दौरान पैरासिटामोल की गोली खाने की सलाह दी। वहीं, अब डेंगू-मलेरिया के मरीज भी आने लगे हैं। जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के रिकाॅर्ड में दो है, लेकिन संख्या डेंगू के मरीजों की छह पर जा पहुंची है।
कम प्लेटलेट्स की शिकायत वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। शहर के निजी चिकित्सकों के यहां काफी ऐसे मरीज भर्ती हो रहे हैं, जिनके खून की जांच में प्लेटलेट्स कम निकल रही हैं। मेडिकल कॉलेज की बात करें तो यहां अप्रैल से जून तक 1,30,500 टेबलेट की खपत हुई।
जुलाई माह में 59,500 टेबलेट की खपत हुई। सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा ने बताया मौसम में बदलाव आने के साथ ही बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। पैरासिटामोल की गोली की अधिक मांग रही है। बुखार या शरीर के दर्द में पैरासिटामोल गोली का प्रयोग किया जाता है।