एटा। जिले में धनतेरस के पर्व पर सुबह से शाम तक खरीदारों की भीड़ उमड़ी। विद्युत झालरों और लाइटों से सभी बाजार देर रात तक जगमगाते रहे। वाहन और आभूषण सबसे ज्यादा बिके। इसकी वजह से बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। धनतेरस पर पूरे जिले में लगभग 400 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ
जिले के हर कस्बा में वाहन तथा आभूषण के साथ ही बर्तन, झाड़ू, मिट्टी के दीपक एवं मोमबत्ती की भी जमकर बिक्री हुई। इसके अलावा लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति, कैलेंडर, तस्वीर के अलावा माला व पानी वाले सेंसर दीपक भी बहुतायत में खरीदे गए। जिला मुख्यालय के बाबूगंज, घंटाघर, गांधी मार्केट, मैनगंज, बर्तन बाजार, सराफा बाजार, हाथी गेट, मेहता पार्क सहित शहर के अन्य बाजारों में भारी भीड़ देखने के मिली। त्योहार के मद्देनजर भीड़ को देखते हुए बाजारों में पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
ऑटोमोबाइल उद्योग ने भरा फर्राटा, बिके 250 करोड़ के वाहन
जिले में सबसे ज्यादा वाहनों की बिक्री हुई। सुबह जैसे ही ऑटोमोबाइल्स शोरूम खुले ग्राहक पहुंचना प्रारंभ हो गए। जिसके कारण ऑटोमोबाइल्स शोरूम पर भारी भीड़ देखने को मिली। जिन ग्राहकों ने बुकिंग कराई थी। उनको तो आसानी से पसंदीदा वाहन मिल गया। मगर जो लोग उसी दिन बिना बुकिंग के कराए वाहन खरीदने पहुंचे उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। ऑटोमोबाइल कारोबारी अजीत कुमार ने बताया कि इस बार जिले में लगभग 250 करोड़ के वाहनों की बिक्री धनतेरस पर हुई है।
-
5 करोड़ रुपये तक के कपड़ों की हुई खरीदारी
जिले में धनतेरस पर्व के दिन शुक्रवार को कपड़े के शोरूम तथा अन्य छोटी-बड़ी कपड़े की दुकानों पर कपड़ों की जमकर बिक्री हुई। व्यापारी विकास जैन ने बताया कि धनतेरस के दिन जिले में लगभग 5 करोड़ तक के कपड़े बिक गए। जिसमें पुरुषों ने सबसे अधिक कुर्ता-पाजामा, महिलाओं ने शरारा व कॉरसेट के साथ ही डिजाइनर ऑर्गेंजा साड़ी तथा बच्चों ने इंडो-वैस्टर्न कपड़े खरीदे।
18 करोड़ के बिक गए सिक्के और आभूषण
शुक्रवार को धनतेरस के पर्व पर लोगों ने बाजार में पहुंचकर सोने-चांदी के सिक्के व अन्य आभूषण खरीदे। सोने-चांदी के सिक्कों के साथ ही चांदी से बने पूजा के बर्तन, एलईडी फ्रेम, सोने की गिन्नी, अंगूठी, चेन, झुमके भी खूब खरीदे गए। सराफा व्यापारी अमित कुमार ने बताया कि इस बार जिले में लगभग 18 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ।
करीब 25 करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बिके
धनतेरस पर्व पर जिले में इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की भी काफी ज्यादा मांग दिखाई दी। जिसकी वजह से यह बाजार भी ऊंचाईयां छूता दिखा। इस बार आसान किश्तों में ऋण सुविधा मिलने से लोगों ने अपनी पसंद के इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद खरीदे। इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी राजीव कुमार ने बताया कि इस बार सबसे अधिक वाॅशिंग मशीन, एलईडी टीवी की बिक्री हुई है। इसके चलते जिले में लगभग 25 करोड़ का कारोबार हुआ है।
बिक गए करीब 15 करोड़ के बर्तन
धनतेरस पर अधिकांश लोग बर्तन ही खरीदते हैं। इस बार भी लोगों ने बड़े खानों वाले थाल, बर्तन रखने का स्टैंड तथा कई अन्य प्रकार के छोटे-बड़े बर्तन खरीदे। बर्तन विक्रेता जमील अहमद ने बताया कि इस बार बर्तन बाजार में भी खूब बिक्री हुई है। लगभग 15 करोड़ रुपये के बर्तन बिक गए।
बारिश ने डाला खलल
धनतेरस की उमंग के बीच बारिश ने खलल डाला। सुबह के समय जहां व्यापारियों ने सजावट कर दुकानें, बाजार सजाए थे। बरसात होने की वजह से सजावटी सामान भीग गया। वहीं रास्तों में कीचड़ हो गया। हालांकि बाद में हल्की धूप निकलने पर यह सूख गया। लेकिन देरशाम फिर बरसात होने से खरीदारी में खलल पड़ा।