एटा। परिषदीय व सहायता प्राप्त स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना पर अधिक जोर रहेगा। विभाग प्रति माह दस स्कूलों से मध्याह्न भोजन के सैंपल एकत्र करेगा। प्रयोगशाला में जांच कराकर भोजन की गुणवत्ता देखी जाएगी।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत जिले में 1691 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। वहीं 54 सहायता प्राप्त विद्यालयों में पंजीकृत कक्षा एक से आठ तक बच्चों को मध्याह्न भोजन दिया जाता है। स्कूलों में रसोइयों की तैनाती के साथ कोटे की दुकान से राशन देते हुए कनवर्जन कॉस्ट का भुगतान किया जाता है। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरटिंग प्रोसीजर) अभियान चलाया है।
इसके तहत बच्चों को दिए जाने वाले खाने की गुणवत्ता पर विशेष नजर रहेगी। विभाग प्रति माह रैंडम आधार पर दस स्कूलों की रसोई से नमूने लेकर खाद्य सरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम की मदद से प्रयोगशाला से जांच कराएगा। प्रधानाध्यापक को दो वयस्क व्यक्तियों को भोजन चखाने के बरद गुणवत्ता संतोषजनक होने पर बच्चों को वितरित करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए संजय सिंह ने बताया स्कूल स्तर पर भोजन चखने के लिए दिवस वार रोस्टर बनाया जाएगा। जहां भोजन चखने वाले व्यक्ति का नाम व पदनाम अंकित किया जाएगा।