एटा/अलीगंज/मारहरा/निधौली कलां। गर्मी का सितम बना हुआ है। लगातार तीसरे दिन सोमवार को भी अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। जिसके चलते लोग गर्मी से व्याकुल नजर आए।
अलीगंज के 92 वर्षीय डॉ. परसादी लाल कश्यप का कहना है कि पहले संसाधन कम थे और गर्मी भी कम पड़ती थी। अब भले ही संसाधन हो गए हैं, लेकिन गर्मी बढ़ने से लोगों की परेशानी भी बढ़ी है। पहले हरियाली अधिक होती थी। जिससे लोगों को राहत मिल जाती थी। 85 वर्षीय रमेश साहू का कहना है कि जलवायु परिवर्तन का असर है कि अब गर्मी ज्यादा पड़ने लगी है। शहरोंं में भवनों की बनावट बदली है। बस्तियां घनी हुई हैं। ऐसे में स्वाभाविक है कि गर्मी बढ़ेेगी ही।
मारहरा क्षेत्र में भी लोग गर्मी से बेहाल हैं। सुबह से तेज धूप निकलने के कारण लोग घरों से निकलने से कतराते हैं। सड़कों पर केवल जरूरी काम से ही निकल रहे हैं। जो तेज धूप से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय अपनाते हुए नजर आते हैं। निधौली कलां कस्बे में मुख्य स्थानों एवं राहगीरों के गुजरने वाले स्थानों पर शीतल जल की व्यवस्था नहीं है। जिससे भीषण गर्मी में लोगों को प्यास से परेशान होना पड़ रहा है। सुरेश चंद्र राठौर, कुसमा देवी, नितिन वर्मा, दीपेंद्र स्वर्णकार, मुकेश वर्मा, प्रेम स्वरूप सोलंकी आदि ने व्यवस्था कराने की मांग की है।