एटा। 2009 में पुलिस मुठभेड़ में आरोपी को गिर्फतार दिखाकर भले ही मारहरा थाने में तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने अधिकारियों से शाबासी पा ली हो, लेकिन अदालत में अपने आरोपों को साबित नहीं कर सके।
हुआ यह कि 12 जून 2009 को मारहरा थानाक्षेत्र के अंतर्गत नहर पुलिस के पास शंकर जी के मंदिर के पास पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी टिल्लू उर्फ विजय कुमार पुत्र महीपाल सिंह निवासी बेरी के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही अदालत में चल रही थी। अदालत में पुलिस टीम की ओर पेश सबूतों में थानाध्यक्ष इंद्रेश भदौरिया अपनी थाने से रवानगी के बारे में साक्ष्य नहीं दे सके।
वहीं जिस जगह का फर्द बरामदगी तैयार किया, वहां के नागरिकों को गवाह नहीं बनाया। वहीं फर्द बरामदगी को भी विधिक रूप से पुलिस कर्मी साबित नहीं करा सके। ऐसे में आरोप साबित न होने पर अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार सिंह ने आरोपी को बरी कर दिया।