एटा। हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र स्थित गांव मुगलगढ़ी में सत्संग के बाद मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हुई। जिसका जिम्मेदार मानते हुए मुख्य सेवादार और आयोजक देवप्रकाश मधुकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। वह मूल रूप से एटा का रहने वाला है और यहां मनरेगा में संविदा पर तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत है। हादसे के बाद घर पर ताला लटका हुआ है और वह फरार है। बृहस्पतिवार को मनरेगा में उसको सभी दायित्वों से हटा दिया गया। संविदा समाप्ति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में संविदा पर कार्यरत देवप्रकाश मधुकर ब्लॉक शीतलपुर में तैनात है। मूल रूप से ब्लॉक अवागढ़ की ग्राम पंचायत सलेमपुर गादुरी के मजरा सलेमपुर का रहने वाला है। यह 11 गांव में तकनीकी सहायक का कार्य देखता है। मनरेगा की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्याें की तकनीकी जांच के बाद बिल बाउचर बनाना मुख्य कार्य था। अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2008 में मनरेगा योजना चलाई गई थी, तभी से कार्य करता आ रहा है। शहर में ही किराए के मकान में रहता है।
हाथरस में सत्संग हादसे में 121 लोगों की मौत का मुख्य आरोपी बनाकर उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। एफआईआर में उसका पता सिकंदराराऊ का दर्ज किया गया है। उसने वहां एक मकान बना रखा था और परिवार सहित वहीं रह रहा था। एटा का कनेक्शन सामने आने के बाद विभाग की ओर से उसे कार्य क्षेत्र से हटाकर जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। बृहस्पतिवार को अवागढ़ थाना पुलिस भी गांव में पहुंची। उसके घर पर ताला लटका मिला।
उपायुक्त स्वरोजगार (डीसी मनरेगा) प्रभू दयाल ने बताया कि देवप्रकाश मधुकर संविदा कर्मी है और तकनीकी सहायक के पद पर ब्लॉक शीतलपुर में कार्यरत है। हाथरस कांड में मुकदमा दर्ज होने के बाद जानकारी मिलने पर सभी दायित्वों से हटा दिया गया है। आगे की कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्रावली भेजी गई है। आदेश मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-
लंबे समय से भोले बाबा से जुड़ा है
ग्राम प्रधान रामवीर सिंह ने बताया कि काफी समय से देवप्रकाश भोले बाबा से जुड़ा हुआ है। गांव व आसपास के क्षेत्रों में भी सत्संग कराता रहा है। धार्मिक प्रवृत्ति का होने के चलते लोग आसानी से जुड़ते गए। उस पर मुकदमा दर्ज हुआ है, इसकी कोई जानकारी हमें नहीं है।