एटा। मेडिकल कॉलेज में दो दिन लिवर व किडनी की जांच मशीन खराब होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अमर उजाला समाचार पत्र ने लोगों की इस समस्या की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर कॉलेज प्रशासन ने इंजीनियर को बुलाकर मशीन को दुरुस्त कराया है। शनिवार को कॉलेज में लिवर व किडनी की 342 मरीजों की जांच की गईं।
मेडिकल कॉलेज की पैथालॉजी में प्रतिदिन 3500 से 3600 जांचें की जाती हैं। लैब में लिवर व किडनी की जांच के मरीजों की संख्या भी खासी रहती है। ये जांचें निजी पैथोलॉजी पर 500 से 600 रुपये में होती हैं। बीते 12 अप्रैल को कॉलेज की पैथोलॉजी में मशीन खराब हो गई थी। इससे लिवर सहित किडनी की जांचें बंद हो गईं थीं। वहीं हेपेटाइटिस बी की जांच भी नहीं हो रही थी। इस खबर को 13 अप्रैल के अंक में अमर उजाला समाचार पत्र ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। शुक्रवार को इंजीनियर बुलाकर मशीन को दुरुस्त कराया गया। शनिवार को पैथोलॉजी में मरीजों की जांच की गई। वहीं हेपेटाटिस बी की जांच के लिए कार्ड आने से शनिवार को मरीजों की यह जांच भी की गई।