एटा। जलेसर के पटना पक्षी विहार में आने वाले पर्यटकों की सहूलियत के लिए 17 साल बाद पर्यटक सुविधा केंद्र के ताले खुलेंगे। 2006 में बने इस केंद्र का संचालन आज तक नहीं हो सका है। अब इसे पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। दिसंबर तक संचालन शुरू होने की उम्मीद है।
पटना पक्षी विहार के आसपास कोई होटल, रेस्टोरेंट आदि नहीं हैं। यहां आने वाले पर्यटक न तो रुक सकते हैं और न ही उन्हें खानपान की सुविधा मिल पाती है। पर्यटकों की सुविधा के लिए सरकार ने यहां पर्यटक सुविधा केंद्र को मंजूरी दी। वर्ष 2000 में तत्कालीन पर्यटन मंत्री रघुवर दयाल वर्मा ने भूमि पूजन किया। वर्ष 2006 में यह बनकर तैयार हो गया और उस समय के पर्यटन मंत्री कोकब हमीद ने लोकार्पण कर दिया। इसमें पर्यटकों के लिए ठहरने की व्यवस्था के साथ ही कैंटीन का भी इंतजाम होना था। फर्नीचर आदि का काम पूरा कर इसका संचालन शुरू कराया जाना था। लेकिन इसके बाद शासन-प्रशासन ने उपेक्षा कर दी और यह काम आज तक नहीं हो सका। तबसे यहां ताले पड़े हुए हैं।
हाल में सरकार ने इसे किसी निजी संस्था के माध्यम से पीपीपी मोड पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए लखनऊ स्तर से प्रक्रिया चल रही है। इन प्रक्रियाओं को समय से पूरा कर लिया गया तो दिसंबर में केंद्र का संचालन शुरू कराया जा सकता है। इसी मौसम में यहां सबसे अधिक देश और विदेश के पक्षी प्रवास के लिए आते हैं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी पहुंचते हैं। ऐसे में लोगों को पर्यटक सुविधा केंद्र से काफी सहूलियत मिलेगी। संवाद
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पक्षी विहार में पहुंचने लगे परिंदे
तापमान में गिरावट के साथ ही पक्षी विहार में पक्षियों का कलरव सुनाई देने लगा है। विभिन्न स्थानों से यहां पक्षी पहुंचना शुरू हो गए हैं। हालांकि अभी देसी नस्ल के ही पक्षी पहुंच रहे हैं। ठंडक और बढ़ने पर विदेशों के पक्षी भी यहां प्रवास के लिए आना शुरू हो जाएंगे।
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वर्जन
जलेसर के पटना पक्षी विहार में स्थित पर्यटक सुविधा केंद्र का संचालन जल्द किया जाना है। लखनऊ स्तर से इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि दिसंबर तक संचालन शुरू हो जाएगा। - हेमंत शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी