राजा का रामपुर (एटा)। विकासखंड अलीगंज क्षेत्र का ग्राम बिल्सड़ एतिहासिक धरोहर समेटे हुए है। यहां गुप्तकालीन सभ्यता के अवशेष मिल चुके हैं। हैरत की बात यह है कि इस स्थान को संरक्षित घोषित किए हुए एक सदी होने आ रही है, लेकिन आज भी सूरत बदहाल है। पर्यटन स्थल के रूप में विकास होता तो यहां का नक्शा ही अलग होता। शनिवार को प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के मंत्री जयवीर सिंह इसी क्षेत्र में होंगे, ऐसे में लोगों की यही पुकार है कि बिल्सड़ के इतिहास को जीवंत कर क्षेत्र को विकसित किया जाए।
आजादी से पहले 1928 में बिल्सड़ पट्टी के गुप्तकालीन अवशेष और बिल्सड़ पुवायां का गढ़ी बाबा टीला को संरक्षित किया गया था, लेकिन एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) और स्थानीय प्रशासन द्वारा इनके संरक्षण पर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में यहां के लोग मनमाने ढंग से खोदाई कर कई महत्वपूर्ण शिलाएं आदि ले गए। संरक्षित 200 वर्ग मीटर के दायरे में कई मकान भी बन गए। करीब दो साल पहले एएसआई ने बिल्सड़ पट्टी में उत्खनन कराया तो 5वीं शताब्दी के गुप्तकालीन मंदिर की सीढ़ियां दिखाई दीं। साथ ही शंख लिपि का एक शिलालेख मिला, जो कि एतिहासिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण है। संरक्षण के नाम पर यहां चहारदीवारी तो कराई दी गई है, लेकिन विकास के नाम पर आज तक कुछ नहीं कराया गया। ग्रामीणों और क्षेत्र वासियों की मांग है कि यदि बिल्सड़ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए तो पूरे क्षेत्र का विकास होगा और युवाओं को रोजगार प्राप्त हो सकेंगे।
हमारे गांव का इतिहास 5 हजार साल से भी ज्यादा पुराना है। यहां खुदाई में गुप्तकालीन अवशेष प्राप्त हो चुके है। मंत्री जी से मिल कर बिल्सड़ को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग करेंगे। -चंद्रशेखर पांडेय, प्रधान बिल्सड़ पट्टी
बिल्सड़ का गौरवशाली इतिहास पुरातत्व विभाग भी जानने की कोशिश कर रहा है। इसके गर्भ में कई रहस्य छिपे हुए हैं। सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से इसके पर्यटन स्थल घोषित होना काफी जरूरी है। - संतोष मिश्र, प्रधान बिल्सड़ पुवायां
अमर शहीद स्मारक बालिका विद्यालय में मंत्री करेंगे प्रतिमा का अनावरण
राजा का रामपुर का इतिहास ग्राम बिल्सड़ से जुड़ा हुआ है। बिल्सड़ के राजा राम सहाय राजा का रामपुर आकर बसे और उन्होंने अपने राज्य की स्थापना की। उनकी मृत्यु के उपरांत काफी समय बीत जाने पर राज्य भी खंडहर में तब्दील होता गया। इसके बाद इसी राज्य की जमीन पर सुखदेव राजगुरु, भगतसिंह के साथ शहीद हुए अमर शहीद महावीर राठौर के सम्मान में अमर शहीद स्मारक बालिका विद्यालय का निर्माण कराया गया। इसी विद्यालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और क्षेत्रीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौर शनिवार को अमर शहीद महावीर सिंह राठौर की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।