एटा। थाना जलेसर क्षेत्र में वर्ष 2017 में विवाहिता की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में सास-ससुर और पति को दोषी मानते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश (ईसी एक्ट) अली रजा की अदालत में मामले की सुनवाई की गई। इसमें मृतका के ससुर रघुवीर सिंह, सास गुड्डी देवी और पति शीलेंद्र को दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दोषसिद्ध ठहराया गया। आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा तय की गई है। अर्थदंड जमा न करने पर दोषियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पूनम की हत्या पांच नवंबर 2017 को की गई थी। इसका मुकदमा मृतका के भाई शशिकांत ने दर्ज कराया था। इसमें कहा गया था कि बहन की एक वर्ष पूर्व ही शीलेंद्र के साथ शादी की थी। शादी के बाद से ही अतिरिक्त दहेज में बाइक व नकदी की मांग की जाती थी। इसी बात को लेकर परेशान किया जाने लगा और मारपीट कर ससुरालीजन प्रताड़ित करने लगे। मुकदमा में इन तीनों के अलावा जेठ मुकेश, जेठानी नेहा, देवर वीरेंद्र, शेर बहादुर, कैलाश व ननद रानी व सुमन को भी नामजद किया गया था। हालांकि इन लोगों पर आरोप सिद्ध नहीं हुए।