एटा। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश दुष्कर्म व पॉक्सो कुमार गौरव ने किशोरियों को ले जाने और दुष्कर्म करने के मामलों में दोषी पाए जाने पर दो को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। जबकि एक को 10 साल कारावास व अर्थदंड भरना होगा। कोतवाली नगर क्षेत्र के एक मोहल्ले से 14 वर्षीय किशोरी को ले जाने के मामले की सुनवाई अदालत में की गई। इसमें शैलेंद्र उर्फ शैलेश निवासी जिन्हैरा थाना मिरहची पर दोषसिद्ध होने पर उम्रकैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जबकि थाना मिरहची में दर्ज 17 वर्षीय किशोरी को ले जाने के मामले में सगीर निवासी दीवा हमीरपुर थाना पिसासा जिला अलीगढ़ को दोषी पाए जाने पर उम्रकैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीकृष्ण यादव ने बताया कि शैलैश, इसके भाई विनय इसकी पत्नी बबली, भाई नागेंद्र, हेेमंत के खिलाफ कोतवाली नगर में 19 मई 2018 को किशोरी ले जाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था। विनय अपने परिवार के साथ किशोरी के मकान में रहता था तभी अनुसूचित जाति की किशोरी को ले जाया गया। जबकि मिरहची वाले मामले में किशोरी से फोन पर युवक बात करता था और ले जाने में कामयाब रहा। जुर्माने की रकम में से 80 फीसदी रकम पीड़िताओं को देनी होगी।