एटा। कोरोना से बचाने के लिए 15 से 17 आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों का टीकाकरण फरवरी 2022 में शुरू हुआ था। जो अभी भी धीमी गति से चल रहा है। 40 दिनों में एक फीसदी से भी कम किशोरों का टीकाकरण हो पाया है। इसकी वजह से लक्ष्य पाने की जद्दोजहद चल रही है।
जिले में 124454 किशोर-किशोरियों का टीकाकरण होना है। एक अगस्त को 97.47 फीसदी यानि 121312 का टीकाकरण कर लिया गया था। टीकाकरण निरंतर चलता तो रहा लेकिन इसकी चाल कछुआ की तरह हो गई। इसकी वजह से 11 सितंबर तक 40 दिनों में टीकाकरण कुल 98.15 फीसदी (122154) तक पहुंच सका है।
इस तरह 2300 किशोर-किशोरी टीकाकरण से वंचित हैं। इनकी वजह से जिले का सुरक्षा चक्र टूटा हुआ है। जब कि किशोर और बालक-बालिकाओं के टीकाकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश जारी किए गए थे। इनका टीकाकरण पूरा कराने के लिए विद्यालयों में शिविर लगाकर भी अभियान चलाया गया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रामसिंह ने बताया कि टीकाकरण पूरा कराने के लिए अभिभावकों को आगे आना होगा। स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है कि वह लोगों को जागरूक करें। ताकि शेष सभी का टीकाकरण जल्द पूरा हो सके।