इसके बाद परिजन रविवार को शव लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया। किसी ने पोंडरी में बायगीर की जानकारी परिजन को दी। इस पर परिजन ने बायगीर से मोबाइल पर बात की। बायगीर ने बताया कि मृतक के कान पर मोबाइल रख दो। कुछ बोलूंगा इसके बाद सब ठीक हो जाएगा। परिजन ने वहां तैनात कर्मियों से बात की और शव के कान पर मोबाइल रख दिया। कुछ देर बाद कॉल कट गई। कॉल मिलाने पर बायगीर का मोबाइल बंद बताने लगा।
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सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि सर्पदंश के बाद प्रथम एक घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान सर्पदंश के शिकार व्यक्ति को एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लग जाना चाहिए। अक्सर लोग पहले तो झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं। सांप जहरीला न होने की स्थिति में वह ठीक भी हो जाते हैं, लेकिन जहरीला सांप होने पर जब उन्हें झाड़-फूंक से राहत नहीं मिलती है तब अस्पताल जाते हैं। तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। सांप काटने के बाद सीधा अस्पताल आने वाले लोगों की जान बचाई जा सकती है। इंजेक्शन लगने और उपचार के बाद युवक की मौत हुई है तो यह जांच का विषय है।