एटा। देश को टीबी मुक्त बनाने के लिए 2025 तक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में लगातार अभियान चल रहा है। अगर किसी कॉलोनी में एक भी मरीज टीबी का मिलता है, तो उस कॉलोनी में खांसी से पीड़ित सभी व्यक्तियों की टीबी की जांच कराई जा रही है।टीबी रोग के सफाए को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कई तरह की योजनाएं संचालित कर रहा है। मरीजों को निशुल्क दवाओं के साथ खाने पीने के लिए पांच सौ रुपये भी दिए जा रहे हैं। इससे टीबी के रोगियों की सेहत दुरुस्त रहे, लेकिन इसके बाद भी जिले में टीबी के रोगियों की संख्या वर्तमान में 1482 है। सीएमओ डॉ. उमेश त्रिपाठी ने बताया कि शासन से वर्ष 2025 तक टीबी के सफाए को लेकर निर्देश मिले हैं। कहा कि जिले में टीबी रोगियों की लगातार पड़ताल कर जांच की जा रही है। बताया निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी कॉलोनी में एक भी मरीज टीबी का मिलता है तो तत्काल उस कॉलोनी में खांसी के रोगियों की टीबी जांच हो। इससे जिले को टीबी रोग से मुक्त कराया जा सके।
मलिन बस्तियों में तलाशे जाएंगे टीबी रोगी
सोमवार को टीबी रोगियों को खोजने का अभियान भी विभाग द्वारा शुरू किया गया है। जहां सक्रिय क्षय रोगी खोजी अभियान में विभाग की 160 टीमें लगाई गईं हैं। अभियान पांच मार्च तक चलेगा। जहां टीमें घर-घर जाकर मरीजों की पड़ताल करेंगी। प्रभारी डीटीओ राजेश शर्मा ने बताया अभियान के दौरान मलिन बस्तियों में भी रोगी तलाशे जाएंगे।