एटा। अलीगंज में सहकारिता विभाग का शीतगृह 23 साल से बंद पड़ा हुआ है। जबकि क्षेत्रीय किसानों को आलू भंडारण के लिए कायमगंज, मैनपुरी की दौड़ लगानी पड़ती है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने उठाया तो समाचार प्रकाशित होने के बाद मामले की जांच शुरू करा दी गई है। सहायक निबंधक सहकारिता ने एडीओ सहकारिता को जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
अलीगंज नगर में 1986 में शीतगृह बनाया गया था। संचालन हुआ तो क्षेत्रीय किसानों को लाभ भी मिला लेकिन तीन साल बाद ही यह ठप हो गया। इसके बाद से शीतगृह का संचालन आज तक शुरू नहीं हो पाया। क्षेत्र के किसान आलू को भंडारित करने के लिए 20 किमी दूर फर्रुखाबाद के कायमगंज या करीब 35 किमी दूर मैनपुरी के शीतगृहों पर ले जाने को विवश हैं। यहां लगी मशीनें और उपकरण जर्जर हाल में पहुंच गए हैं। कुछ सामान चोरी भी हो चुका है। शीतगृह पर एडीओ सहकारिता ओमेंद्र कुमार की तैनाती भी है, जो इसकी देखरेख का जिम्मा संभाले हुए हैं। हालांकि यहां काम कुछ भी नहीं है।