फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Etah News: डीएम के आदेश पर प्राइवेट एंबुलेंस चालक पर बैठाई जांच

Fri, 15 Sep 2023 11:08 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
विज्ञापन
विज्ञापन
एटा। मेडिकल कॉलेज से घायल मरीज को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया था, लेकिन प्राइवेट एंबुलेंस चालक रेफर स्लिप पर ओवर राइटिंग कर घायल को आगरा के एक निजी नर्सिंग होम में ले गया। वहां तीन दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। डीएम के आदेश पर मामले में जांच बैठा दी गई है।
विज्ञापन


30 अगस्त को सकीट थाना क्षेत्र के गांव अंगदपुर के पास बाइक सवार अशोक व उसका साथी घायल हो गया था। दोनों को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। यहां से चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति में अशोक को आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया। रेफर स्लिप पर प्राइवेट एंबुलेंस चालक ने आगरा के एक निजी नर्सिंग होम का नाम डाल मरीज को ले जाकर भर्ती करा दिया। तीन दिन बाद अशोक की मौत हो गई। परिजन ने एंबुलेंस चालक पर आरोप लगाए थे। मामले में डीएम प्रेम रंजन सिंह ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रेफर स्लिप से छेड़छाड़ की गई, मरीज को निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। इसकी जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाए।
डीएम का आदेश जारी होते ही सीमएस डॉ. अशोक कुमार ने जांच शुरू कर दी। इस दौरान मृतक के पिता से फोन पर बात की तो उसने बताया कि 108 पर कॉल की गई थी वह पढ़ा-लिखा नहीं है। बता दिया गया कि यहां सरकारी एंबुलेंस नहीं है। बेटे की हालत बिगड़ रही थी ऐसे में उसे प्राइवेट एंबुलेंस से लेकर आगरा गए। मेडिकल कॉलेज से जो पर्ची मिली थी, वो एंबुलेंस चालक को दे दी थी। बाद में जानकारी हुई कि यह प्राइवेट नर्सिंग होम है।
विज्ञापन


नहीं की कॉल दिया स्पष्टीकरण
108 व 102 एंबुलेंस के जिला कोआर्डीनेटर अमित त्यागी ने सीएमएस को लिखित में अपना स्पष्टीकरण दिया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि एंबुलेंस के लिए कोई कॉल ही नहीं की गई थी। अगर कॉल आती तो एंबुलेंस उपलब्ध कराई जाती।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच की जा रही है। मृतक के पिता को बुलाया गया है। उन्होंने प्राइवेट एंबुलेंस के चालक का नाम बताया है। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. अशोक कुमार, सीएमएस
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें