एटा। जीटी रोड किनारे सरकारी जमीन पर कब्जा करने तक ही भूमाफिया सीमित नहीं रहे। बिना नक्शा स्वीकृत कराए पूरी कॉलोनी बनाई गई। बाद में भवनों का निर्माण शुरू करा दिया गया। इसके लिए भी नक्शे स्वीकृत नहीं कराए गए। कई साल तक चला यह खेल जिम्मेदारों को दिखा ही नहीं। अब यह प्रशासन के निशाने पर आ गया है। अदालती कार्रवाई के अलावा विनियमित क्षेत्र के तहत भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।शीतलपुर ग्राम पंचायत के अभिलेखों में दर्ज तीन गाटाओं की करीब पांच एकड़ जमीन पर खेल किया गया। तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों की सांठगांठ के चलते इस जमीन को निजी लोगों को करार दे दिया गया। इसके बाद यहां भूमाफिया सक्रिय हो गए। जमीन को कॉलोनी का रूप देकर प्लॉटिंग कर दी गई।
आमतौर पर ऐसा करने के लिए विनियमित क्षेत्र से अनुमति लेना जरूरी होता है। इसका नक्शा भी पास कराया जाता है लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया। यही नहीं, प्लॉट खरीदने के बाद भी लोगों को नियम-शर्तों को दरकिनार कर दिया। भवन निर्माण के लिए नक्शे स्वीकृत नहीं कराए। मनमाने ढंग से मकान बनाकर खड़े कर दिए गए।