मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में मरीजों का रक्तचाप चेक करते स्वास्थ्यकर्मी। संवाद
एटा। यदि आप आयु 40 वर्ष से अधिक है तो उच्च रक्तचाप के प्रति सतर्क रहें। अनियमित दिनचर्या के साथ-साथ खानपान में आए बदलाव का परिणाम रक्तचाप बढ़ने के साथ-साथ शुगर की समस्या जूझना पड़ सकता है। मेडिकल कॉलेज के एनसीडी विभाग में प्रतिदिन 150 मरीजों की रक्तचाप और शुगर की जांच की जा रही है। इनमें अधिकतर 40 वर्ष या इससे अधिक आयु के हैं। चिकित्सक लोगों को दवा के साथ नियमित व्यायाम और संतुलित खानपान रखने की सलाह दे रहे हैं।डॉ. चेतन ने बताया कि उच्च रक्तचाप की समस्या लोगों में तेजी से बढ़ रही है। 40 साल की उम्र में ही लोगों को शिकायत होने लगी है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण बदलती जीवन शैली है। अधिक नमक युक्त भोजन करने से रक्तचाप अधिक रहता है। भोजन में नमक की मात्रा नियंत्रित और अधिक मसाले वाले खानपान से परहेज रखकर उच्च रक्तचाप की समस्या से बच सकते हैं। उनका कहना है कि इसके साथ ही लोगों में शुगर क मामले भी बढ़ रहे हैं। प्रतिदिन 150 से अधिक रक्तचाप और शुगर के मरीज उपचार लेने के लिए आ रहे हैं। उच्च रक्तचाप से ये हो सकती हैं समस्याएंः
- हृदयाघात
- गुर्दे की बीमारी और विफलता
- गर्भावस्था के दौरान दिक्कत
- आंख की क्षति
उच्च रक्तचाप के लक्षणः
- सिर दर्द, सांस लेने में कठिनाई।
- नाक से खून आना, धुंधला दिखाई देना
- सीने में दर्द होना और कानों में घंटी बजना
- खून की उल्टी होना और नींद न आना
इन बातों का रखें ख्याल
- चिकनाई और अधिक मसाला युक्त भोजन से बचें।
- सुबह हल्का व्यायाम करें।
- नमक का सेवन कम करें।
- धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों का उपयोग न करें।
- गंभीर स्थिति में चिकित्सक से संपर्क करें।