एटा। थाना निधौली कलां क्षेत्र के एक गांव में रविवार की सुबह देवरानी की पिटाई से आहत महिला ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया। दोपहर में उसकी मौत हो गई। इसके बाद मायके वालों और पुत्रों ने पुलिस को सूचना देकर शव का पोस्टमार्टम कराया। लेकिन महिला के पति के हिस्से की जमीन बेटों के नाम कराने को लेकर 24 घंटे से अधिक समय तक हाई वोल्टेज ड्रामा पोस्टमार्टम हाउस पर होता रहा।
गांव होर्ची निवासी रामसेवक की पत्नी सीमा (38) की विषाक्त पदार्थ खाने से मौत हुई है। भाई रामनरेश सिंह निवासी सैलार कोतवाली देहात ने बताया कि बहन की शादी करीब 20 वर्ष पहले हुई थी। इसके बाद से ही देवर व देवरानी पीटकर परेशान करते आ रहे थे। आरोप है कि रविवार सुबह करीब 9 बजे देवर अजय कुमार ने पत्नी शीलेश देवी के साथ मिलकर पिटाई की थी। पिटाई के पीछे की वजह बताई गई कि बहन ने शीलेश देवी की कुठिया में गेहूं भर दिए थे। कहासुनी होने पर गेहूं निकालने के लिए दबाव बनाया गया। बहन कुछ दिन बाद निकालने की बात कह रही थी। इसको लेकर दोनों ने मिलकर पिटाई कर दी। इसके बाद बहन ने गेहूं निकाले और उसमें पड़ी सल्फास की गोलियों को खा लिया।
महिला के पति के हिस्से की जमीन को मायके वाले बेटे नितिन व रोहित के नाम कराने के लिए दबाव बना रहे थे। शव का पोस्टमार्टम रविवार की रात में ही हो गया। लेकिन जमीन दोनों के नाम होने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार कराने पर अड़े रहे। इसको लेकर सोमवार की शाम 4 बजे तक पोस्टमार्टम हाउस पर शव रखा रहा। दोनों पक्षों में कई बार गहमा-गहमी का माहौल बना। इसको लेकर कई थानों का फोर्स बुलाना पड़ा। थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि महिला ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। मायके वाले व पति जमीन का बैनामा करने को लेकर शव को रखे रहे। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है और शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।