मेडिकल कॉलेज में एमसीएच विंग का निरीक्षण करते सीडीओ, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, सीएफओ, सी
एटा। मेडिकल कॉलेज प्रांगण में बनाई गई एमसीएच (मातृ-शिशु) विंग की सात मंजिला इमारत अभी तक मेडिकल कॉलेज के हैंडओवर नहीं की गई है। शुक्रवार को छह सदस्यीय टीम ने निरीक्षण किया। शासन को पत्राचार कर कंपनी को काली सूची में डलवाने का निर्णय लिया।शुक्रवार सुबह करीब 11: 30 बजे मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमएस डॉ. सुरेश चंद्रा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता ललित कुमार अग्रवाल और सीएफओ प्रशांत राणा ने करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से बनाई गई एमसीएच विंग का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर कमियां पाई गईं। कुछ दीवारों और खंभों में दरारें पड़ी हुई थी। पानी, बिजली आदि की व्यवस्था भी खराब मिली। इस पर सीडीओ ने कार्यदायी संस्था एचएससीसी कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने के लिए शासन को पत्राचार करने के लिए कहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कई बार इस कंपनी को एमसीएच विंग की मरम्मत करने के लिए पत्राचार किया। वहीं कई बार दूरभाष से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस अनदेखी को देखते हुए कार्यदायी संस्था के ठेकेदार से रिकवरी कराने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि करीब पांच साल पहले बनी एमसीएच विंग अभी तक कार्यदायी संस्था एचएससीसी ने मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर नहीं किया है जिसकी वजह से स्वास्थ्य विभाग की कई यूनिट संचालित करने में परेशानी आ रही है। वर्तमान में इस इमारत में एसएनसीयू वार्ड और होम्योपैथिक अस्पताल संचालित किया जा रहा है।