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UP Nikay Chunav: संसद तक का रास्ता तय कर चुके अलीगंज के पालिकाध्यक्ष, 94 साल पुराना है निकाय का इतिहास

Mon, 17 Apr 2023 03:08 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा

सार

एटा जिले के अलीगंज नगर पालिका अध्यक्ष संसद तक का रास्ता तय कर चुके हैं। इस पालिका का इतिहास 94 साल पुराना है। पहले यह नगर पंचायत और बाद में नगर पालिका बनी। 
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अलीगंज नगर पालिका - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के एटा जिले के अलीगंज नगर निकाय का इतिहास 94 साल पुराना है। पहले यह नगर पंचायत और बाद में नगर पालिका बनी। पालिकाध्यक्ष पद की कुर्सी के बाद यहां से एक नेता ने संसद तक का रास्ता तय कर लोकसभा चुनाव जीता। आज भी इस पालिकाध्यक्ष का पद हर दल के लिए प्रतिष्ठापूर्ण रहता है।

1929 में नगर पंचायत के रूप में स्थापित

अलीगंज को 1929 में नगर पंचायत के रूप में स्थापित किया गया था। तत्कालीन अध्यक्ष लाला शंकर सहाय नियुक्त किए गए। नगर पंचायत का आखिरी कार्यकाल 1965 से 1969 तक का रहा। आखिरी नगर पंचायत अध्यक्ष के रूप में महफूज अली खान उर्फ प्यारे मियां काबिज हुए। वर्ष 1971 में इसको नगर पालिका परिषद का दर्जा दिया गया। इसके बाद 1972 में पालिका अध्यक्ष पद के लिए पहला चुनाव हुआ। इसमें भी महफूज अली खान उर्फ प्यारे मियां को पालिकाध्यक्ष चुना गया। 1974 तक उनका कार्यकाल रहा।

नौंवे कार्यकाल के लिए पालिका को अध्यक्ष का इंतजार

इसके बाद उन्होंने अन्य चुनावों की तैयारी की और राजनीति में आगे बढ़ते गए। 1984 में उन्हें आठवीं लोकसभा चुनाव में लोकदल से टिकट मिला। कांग्रेस की आंधी के बीच उन्होंने यह सीट जीतकर अपनी राजनीतिक मजबूती साबित की थी। इसके बाद सात कार्यकाल में छह अध्यक्ष बने। इस बार नौंवे कार्यकाल के लिए पालिका को अध्यक्ष का इंतजार है। इसके लिए विभिन्न राजनीतिक दलों और निर्दलीय रूप से भी तमाम लोग चुनाव लड़ने की दावेदारी में हैं। संवाद

लंबा इतिहास, समस्याएं बरकरार

भले ही नगर पालिका परिषद का इतिहास बेहद पुराना है, लेकिन समस्याएं बरकरार हैं। कुछ विकास कार्यों को गति मिली तो तमाम कार्य अधूरे पड़े हैं, जो नगर पालिका परिषद के क्षेत्र में आने वाले लोगों के लिए सिरदर्द रहते हैं। राजनीतिक दलों के अध्यक्ष के अलावा कई प्रशासनिक अधिकारियों ने भी प्रशासक के रूप में कमान संभाली, लेकिन वह भी विकास के कामों पर खरे नहीं उतरे।

भौगोलिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है अलीगंज

भौगोलिक दृष्टिकोण से भी पालिका परिषदीय क्षेत्र का महत्व कम नहीं है। यहां से गुजरने वाली सड़क जिला मुख्यालय एटा को पड़ोसी जिला फर्रुखाबाद, मैनपुरी और कासगंज को भी जोड़ती है।

यह रहे अध्यक्ष

  • 1929 में नगर पंचायत बनी
  • 1929 लाला शंकर सहाय पहले चेयरमैन नियुक्त किए गए
  • 6 माह - बका उल्ला खान
  • 6 माह - मोहम्मद अली खान
  • 1933 - पहले चुनाव में में शंभू दयाल
  • 1938 से 1947 तक - हरस्वरूप सक्सेना
  • 1947 से 1951 तक - शंभू दयाल
  • 1951 से 1956 तक - राजबहादुर गुप्ता
  • 1956 से 1960 तक - राजबहादुर गुप्ता
  • 1960 से 1965 तक - प्रताप सिंह गंगवार
  • 1965 से 1969 तक - महफूज अली खां
  • 1971 में नगर पालिका परिषद का दर्जा मिला।
  • 1972 - महफूज अली खान
  • 1974 से 1988 तक प्रशासक।
  • 1988-1993 तक - सुरेंद्र कुमार गुप्ता
  • 1993 से 1998 तक - मसूद अली खान
  • 1998 से 2003 तक - रईस जहां बेगम
  • 2007 से 2008 तक - मसूद अली खान
  • 2008 से 2013 तक - प्रदीप कुमार गुप्ता (उपचुनाव)
  • 2013 से 2018 तक वकील शाह
  • 2018 से 2023 तक - बृजेश कुमार गुप्ता
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