एटा। विकास खंड सकीट की ग्राम पंचायतों में पीएम आवास को लेकर जांच में हो रही गड़बड़ी को लेकर मामला गरमा गया है। अपात्रों को आवास देने के मामले में जांच अधिकारियों की भी संलिप्तता नजर आ रही है।
ग्राम पंचायत दत्तपुर-कुंजपुर और कमालपुर मई में अपात्रों को आवास देने के मामले में जांच अधिकारी भी हीलाहवाली कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक कमालपुर मई में करीब 45 लाभार्थियों को आवास दिए गए थे, जिसमें प्रथम दृष्टया जांच अधिकारियों ने सिर्फ 6 लोगों को ही अपात्र बताया है जबकि इस ग्राम पंचायत में आधे से अधिक अपात्र हैं। वहीं दत्तपुर कुंजपुर में भी इसी तरह से कई लोग अपात्र हैं। अगर निष्पक्ष जांच की जाए तो और भी अपात्रों के मिलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। इस मामले में पीडी (परियोजना निदेशक) डीआरडीए (ग्राम्य विकास अभिकरण) समेत अन्य कर्मचारी भी शक के घेरे में आ रहे हैं।
लोग सीएम को कर रहे खबरें ट्वीट
जिले में पीएम आवास का मामला अखबार में प्रकाशित होने के बाद लोग खबर को सीएम पोर्टल समेत पीएम पोर्टल पर ट्वीट कर रहे है। जिससे सूबे के उच्चाधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियों को भी जिले के पीएम आवास घोटाले के बारे में पता लग सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
ग्राम पंचायत शीतलपुर की फिर होगी जांच
ग्राम पंचायत शीतलपुर की जांच पिछले साल पीडी डीआरडीए द्वारा की गई। इस दौरान लाखों रुपये का गबन किया गया था। लेकिन जांच आख्या में फेरबदल कर दिया गया। जिस पर पूर्व ग्राम प्रधान द्वारा मामले को लोकायुक्त में शिकायत की। जिसके बाद शासन स्तर से पुन: जांच के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच फिर से एडीएम वित्त एवं राजस्व आयुष चौधरी को सौंपी है। आयुष चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत शीतलपुर मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज कराने के साथ जांच कराई जाएगी और निष्पक्ष रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।