एटा। जिले में पहले से ही परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। कुछ विद्यालय एकल हैं। जून माह में जिले से दूसरे जनपदों को 136 शिक्षक चले गए। जबकि 100 शिक्षक आए हैं। दूसरे जनपदों से आए शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन नहीं हुआ है। वह दफ्तर में बैठ रहे हैं। इससे नौनिहालों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जिले में 1691 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इसमें से 1129 प्राथमिक, 216 कंपोजिट व 314 जूनियर विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में करीब डेढ़ लाख के लगभग विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। बीते वर्ष जब शिक्षकों का अंतरजनपदीय तबादला हुआ। उस समय जिले में करीब तीन सौ शिक्षक कम हो गए थे। इससे कुछ विद्यालय एकल हो गए। ऐसे में बीते वर्ष से ही एकल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को समस्याओं का सामना करना पड़ा था। स्थिति यह थी कि शिक्षक किसी कारण से अवकाश पर चला गया तो विद्यार्थियों को पढ़ाने वाला भी कोई नहीं होता था।
इस वर्ष जिले से अंतरजनपदीय तबादले में अभी तक 136 शिक्षकों को रिलीव किया जा चुका है। जबकि आवेदन साढ़े चार सौ से अधिक ने किया था। वहीं इसके सापेक्ष जिले में अभी तक सिर्फ सौ शिक्षक आए हैं। जो शिक्षक आए हैं उनको भी स्कूलों का आंवटन नहीं हुआ है। ऐसे में शिक्षक दफ्तर में बैठकर समय पूरा रहे हैं। जबकि विद्यालयों में शिक्षकों की जरूरत है।