एटा। जिले की ग्राम पंचायतों में बनाए जा रहे आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) पर जैविक और वर्मी खाद बनाई जाएगी। इससे होने वाली आमदनी को पंचायत के विकास कार्यों में लगाया जाएगा। जिससे ग्राम पंचायतों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
जिले की 356 ग्राम पंचायतों में रिसोर्स रिकवरी सेंटर का निर्माण होना है। इसके लिए पंचायती राज विभाग लगातार काम कर रहा है। अभी तक 38 ग्राम पंचायतों में सेंटर का निर्माण पूरा हो चुका है। 230 ग्राम पंचायतों में तेजी के साथ निर्माण कराया जा रहा है। जबकि 88 ग्राम पंचायतों में निर्माण कराने के लिए अभी तक पर्याप्त जमीन नहीं मिल पाई है। जिसके कारण इनमें काम नहीं हो पा रहा है।
जिला पंचायत राज अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह चौहान ने बताया कि आरआरसी पर जैविक व वर्मी खाद का उत्पादन कराया जाएगा। इससे होने वाली आमदनी को पंचायत में ही लगाया जाएगा। इस समय सोंगरा व धुमरी ग्राम पंचायत में जैविक खाद बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इससे जो भी आय होगी उसमें से यहां तैनात कर्मचारी का वेतन निकालकर बाकी धनराशि को ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में लगाया जाएगा।