एटा। जिले में मंगलवार को आस्था और धूमधाम के साथ घर-घर में गोवर्धन महाराज पूजे जाएंगे। ज्योतिषियों के अनुसार कभी-कभी ऐसा भी होता है जब गोवर्धन की पूजा में दिवाली के एक दिन बाद का योग बनता है। ऐसा ही इस बार हुआ है जब दिवाली के एक दिन बाद गोवर्धन पूजा की जाएगी।
इसका कारण है कि सोमवार को दोपहर 2:55 बजे तक सोमवती अमावस्या रहेगी। उसके बाद प्रतिपदा तिथि लगेगी। जबकि गोवर्धन महाराज की स्थापना सुबह के समय तथा पूजा शाम को की जाती है। इसलिए इस बार गोवर्धन स्थापना का समय मंगलवार को सुबह 10.44 से दोपहर 12.05 बजे तक लाभ वेला में तथा 12:06 से 1:26 बजे तक अमृत वेला में रहेगा। इसके अलावा शाम को लाभ वेला में 7:07 से 8:46 बजे तक पूजन के लिए शुभ समय रहेगा।
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गोवर्धन पूजा विधि, भोग और पूजा सामग्री
आचार्य गिरजेश पचौरी ने बताया कि गोवर्धन पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले अपने आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत या गोवर्धन महाराज की आकृति बनाएं। फिर दीपक जलाकर चावल, खील, बताशे, जल, दूध, पान, केसर और फूल चढ़ाकर भगवान गोवर्धन की पूजा करें। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करते हुए प्रार्थना करें। इस दिन 56 प्रकार के व्यंजन बनाकर भगवान को भोग लगा सकते हैं। गोवर्धन पूजा के लिए पूजा सामग्री में गेहूं, चावल, पंचामृत दही, दूध, शहद, चीनी, मेवे और तुलसी के पत्तों से बनाकर भगवान कृष्ण भोग लगाया जाता है। फिर पंचामृत भगवान को अर्पित करने के बाद भक्तों को दिया जाता है।
बुधवार को मनाई जाएगी भाई दूज
इस बार भाई दूज का त्योहार बुधवार को मनाया जाएगा। जिसको लेकर बहनों मे उत्साह दिखाई दे रहा है। वहीं भाई भी बहनों के लिए उपहार खरीद रहे हैं। मान्यता के अनुसार इस दिन बहनें भाई के माथे पर तिलक लगाकर गोला भेंट करती हैं। जिसके बदले में भाई भी अपनी बहन को कुछ न कुछ उपहार देते हैं। जेल में भी बुधवार को ही बहने अपने भाईयों के साथ भाई दूज का त्योहार मनाएंगी। ज्योतिषाचार्य गिरजेश पचौरी ने बताया कि इस बार भाई दूज मनाने के लिए बुधवार को दिन में दो मुहूर्त हैं। एक मुहूर्त सुबह 6:43 से 9:24 बजे तक है। वहीं दूसरा मुहूर्त सुबह 10:44 से दोपहर 12:05 बजे तक रहेगा।