उत्तर प्रदेश के एटा में बागवाला थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव के पास काली नदी से शनिवार की देर शाम एक बालिका का शव ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने बरामद किया। रविवार को परिजन तलाश करते पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। यहां पर जिला कासगंज की मानसिक रूप से कमजोर बालिका के रूप में पिता ने पहचान की।
कासगंज जिला सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के ढूंडरा गांव निवासी पप्पू सिंह ने अपनी आठ वर्षीय बेटी जूली के रूप में शव की पहचान की है। पिता ने बताया कि बेटी मानसिक रूप से कमजोर है। शनिवार की देर शाम गांव के अन्य छोटे बच्चों के साथ नदी किनारे खेलने चली गई थी। यहां पर किसी तरह से नदी में गिर गई। बताया कि वह मनरेगा के तहत मजदूरी करता है। शनिवार को भी मजदूरी कर रहा था। जब लौटकर आया तो परिजन ने बताया कि बेटी लापता है। काफी तलाश किया लेकिन कोई जानकारी नहीं हो सकी।
ग्रामीणों की सूचना पर बरामद की बालिका
बताया कि रविवार की सुबह गांव के कुछ लोगों के फोन में फोटो देखा। इसको पुलिस ने नदी से निकाला। इसके बाद थाना बागवाला पहुंचे और वहां से पहचान करने के लिए पोस्टमॉर्टम हाउस आए। तब स्पष्ट हुआ कि बेटी हमारी ही है। थाना प्रभारी नरेश सिंह ने बताया कि शनिवार को बालिका नदी से ग्रामीणों की सूचना पर बरामद की गई थी। इसकी पहचान रविवार को पिता ने जूली के रूप में कर ली है। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है।
सात में से पांच बच्चे मानसिक रूप से कमजोर पैदा हुए
पिता ने बताया कि उसके सात बच्चे हैं। इनमें से पांच मानसिक रूप से कमजोर पैदा हुए। तीन मानसिक रूप से कमजोर बेटियों की मौत हो चुकी है। जूली से पहले 14 वर्षीय बेटी प्रियंका की पांच साल पहले मौत हो गई थी। दो वर्ष पहले शिवांगी (दो) की मौत हुई थी। छोटी बेटी ज्योति और बेटा भोला (12) भी मानसिक रूप से कमजोर हैं।