एटा। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि पराली जलाने को दृष्टिगत शासन गंभीर है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं किइस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। किसान भाइयों को पराली अवशेष प्रबंधन के लिए अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। जिससे कि वह पराली का खाद के रूप में सदुपयोग कर सकें। डीएम ने शुक्रवार को पराली अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर कलेक्ट्रेट से रवाना किया गया।
डीएम ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों से अब तक 37500 रुपये जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं तहसील सदर के अंतर्गत विकासखंड निधौलीकलां और सकीट में चार कंबाइन हार्वेस्टर मशीन को सीज किया गया। ये मशीनें बिना एसएमएस (पराली प्रबंधन सिस्टम) के धान की कटाई कर रही थीं। चेतावनी दी है कि भविष्य में जो भी कंबाइन हार्वेस्टर मशीन बिना पराली प्रबंधन सिस्टम के धान की कटाई का कार्य करेंगी, उनको सीज़ कर दिया जाएगा। शुक्रवार को 2 कंबाइंड हार्वेस्टर को थाना पिलुआ एवं दो को थाना सकीट के सुपुर्द किया गया है।