एटा/अवागढ़/जलेसर/निधौलीकलां/राजा का रामपुर। बचपन में जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता है तो पढ़ाई छूट जाती है। पहले घर की जिम्मेदारी निभाना जरूरी होता है, लेकिन मजबूरी में छूटी पढ़ाई को पूरी करने की ललक हमेशा बनी रहती है। इस तरह के लोगों को साक्षर बनाने के लिए नवसाक्षरता के तहत प्रयास किए जा रहे हैं। रविवार को नवसाक्षरों की परीक्षा के दौरान लोगों में भरपूर उत्साह देखने को मिला। संख्या के मामले में महिलाओं ने बाजी मारी। परीक्षा देने आए लोगों का कहना था कि पहले घर की जिम्मेदारी निभाई, अब पढ़ाई कर रहे हैं।
रविवार को जिले में नवसाक्षरता अभियान के तहत 506 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नवसाक्षरों की परीक्षा कराई गई। परीक्षा सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक हुई। इसके लिए जिले में 4305 लोग चिह्नित किए गए थे। महिलाओं और पुरुषों को जब समय मिला, वह विद्यालय में परीक्षा देने पहुंचे। 15 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक के महिला व पुरुष इसमें शामिल हुए। निधौली कलां ब्लॉक संसाधन केंद्र के परिषदीय विद्यालयों में 49 केंद्रों पर परीक्षा कराई गई। राजा का रामपुर में साक्षर बनाने के लिए परीक्षा हुई। विकासखंड अलीगंज क्षेत्र के गांव पहरा, खैरपुरा, ढीपा, कैला में परीक्षा केंद्र बनाए गए। ढीपा में एक, खैरपुरा में 3, कैला में 7 ने परीक्षा दी।
ग्राम पहरा के प्राथमिक विद्यालय में 6 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। शिक्षक संजीव कुमार दुबे ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का बेहतर प्रयास है। विकासखंड जलेसर में नवभारत साक्षरता परीक्षा के अंतर्गत नवसाक्षर लोगों की परीक्षा हुई। खंड शिक्षा अधिकारी कुमारी पवन ने बताया कि 1119 नवसाक्षरों को पंजीकृत किया गया था। 985 नवसाक्षरों ने परीक्षा दी। परीक्षा ब्लॉक के 91 परीक्षा केंद्रों पर हुई।
3854 ने दी परीक्षा
जिले में 4305 नवसाक्षरों को परीक्षा देनी थी, जिसमें से 3854 ने परीक्षा दी। 2602 महिलाएं व 1252 पुरुष शामिल रहे। जिला समन्वयक एमआईएस अविनाश शुक्ला ने बताया कि प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर परीक्षा में हिस्सा लिया। इस दौरान कुछ ब्लॉकों में बेहतर कार्य किया गया। उन खंड शिक्षाधिकारियों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।