एटा। परिवहन निगम की बस में यात्रा कर रहे हैं तो आपातकाल के लिए दवाई गोली साथ रखें। क्योंकि बस में आपको पहले तो फर्स्टएड बॉक्स मिलेगा ही नहीं और अगर मिल भी गया तो उसमें दवा है या नहीं यह खुद चालक परिचालक को पता नहीं होगा। पड़ताल करने पर सामने आया कि एटा डिपो की बहुत सी बसें ऐसी हैं जिनमें फर्स्टएड बॉक्स नहीं हैं।
हर बस में चालक-परिचालक की देखरेख में एक फर्स्टएड बॉक्स लगाया जाता है। ताकि यात्री को किसी प्रकार की समस्या होने पर प्राथमिक चिकित्सा दी जा सके। मगर एटा डिपो की बसों में इस प्रकार की सुविधा देखने को नहीं मिल रही है। बसों में फर्स्टएड बॉक्स तो लगे हुए हैं लेकिन इनके अंदर दवा होने की कोई गारंटी नहीं है। मंगलवार को अमर उजाला की पड़ताल के दौरान 6 से अधिक बसों के अंदर जाकर देखा गया। इनमें से कुछ बसों के अंदर फर्स्टएड बॉक्स लगे हुए थे। वहीं कुछ बसें ऐसी थीं जिनमें यह नहीं लगाए गए थे या हटाकर रख दिए गए थे।
चालक-परिचालक को नहीं पता बॉक्स में दवा है या नहीं
पड़ताल के दौरान जब बसों के चालक परिचालक से बात की गई, तो वह बता ही नहीं सके कि फर्स्टएड बॉक्स में कोई दवा है भी या नहीं। वहीं एक परिचालक ने बताया कि दवा रखने से कोई फायदा नहीं है। इसकी अब तक कभी जरूरत नहीं पड़ी है, इसलिए हम बॉक्स में दवा नहीं रखते हैं।
50 किलोमीटर तक जाने वाली बसों को छोड़कर अधिकतर में फर्स्टएड बॉक्स लगे हुए हैं। इसके अलावा जो बसें चुनाव में जा रहीं हैं उनमें भी यह व्यवस्था की गई है। अगर इनमें दवा नहीं है तो रखवाई जाएगी। -राजेश यादव, एआरएम