एटा। जिले में कृषि विभाग की लगातार हो रही कार्रवाई के बाद भी निजी उर्वरक विक्रेता मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। 270 रुपये वाली खाद की बोरी के 300 से 320 रुपये तक वसूलकर किसानों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। जिसकी वजह से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि सरकार लगातार उचित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने की बात करती है। मगर निजी खाद विक्रेता अपनी मनमानी करते हैं। इसकी वजह से किसानों को महंगी खाद खरीदनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि प्रशासन व कृषि विभाग किसानों को जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद होने की बात कह रहा है। इसके बाद भी निजी उर्वरक विक्रेता लगातार किसानों की जेब पर डाका डाल रहे हैं।
खाद की बोरी का मूल्य 270 तय है, लेकिन विक्रेता 300 से 320 तक की बेच रहे हैं। सहकारी समितियों पर तो निर्धारित दरों पर ही खाद मिल रही है, लेकिन अधिकांश समितियाें पर लंबी कतारें लग रही हैं। ऐसे में परेशानी और समय बचाने के लिए किसान निजी केंद्रों पर पहुंचता है। जहां उसका आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर यूरिया तय मूल्य से महंगी मिल रही है। गरीब किसान को फसल में लगाने के लिए महंगी खरीदनी पड़ रही है। -नीरज कुमार, सेंथरी
270 रुपये वाली खाद की बोरी 300 से 320 रुपये तक की बेची जा रही है। मजबूरी में फसल में लगाने के लिए महंगी खाद भी किसानों को खरीदनी पड़ रही है। - ओमवीर, पुरा
जिले में यूरिया उर्वरक पर्याप्त मात्रा में है। फिर भी अगर निजी उर्वरक विक्रेता तय मूल्य से अधिक मूल्य में बेच रहा है तो जांच कराकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. मनवीर सिंह, जिला कृषि अधिकारी