सकीट रोड पर खेतों फसलों को खराब करते पशु। संवाद
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एटा। खेती करना किसानों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। खाद के लिए दिन भर कतारों में जूझ रहे हैं। वहीं रात में फसल को पशुओं से बचाने की चिंता रहती है। दिन रात जागने के बाद भी अपनी फसल को नहीं बचा पा रहे हैं।
खेती की बुवाई से लेकर कटाई तक किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुवाई से पहले डीएपी के लिए सहकारी समिति पर रात से लेकर दोपहर तक लाइन में लगना पड़ा। उसके बाद जैसे-तैसे बुवाई की गई। यूरिया लेने के लिए फिर कतारों का सामना करना पड़ा। फसल उगने के बाद निराश्रित गोवंश व अन्य जंगली पशुओं ने इसे बर्बाद करना शुरू कर दिया है। फसल को बचाने के लिए किसान कड़ाके की ठंड के बीच रात में अपने खेत की रखवाली करने को मजबूर हैं।