एटा। जिले में बिजली व्यवस्था सुधार के लिए पुनरोत्थान वितरण क्षेत्र योजना (रिवैंप) से शहर में जीपीएस सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के दौरान प्रत्येक फीडर की लाइनों की स्थिति व होने वाले कार्य की फीडिंग की जा रही है। पहले चरण में बिजली के तार व बिजली खंभे लगाने का कार्य किया जाएगा। इससे विद्युत आपूर्ति में सुधार आएगा। रिवैंप के तहत लगभग 200 करोड़ रुपये से विद्युतीकरण के कार्य कराए जाएंगे। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में 40 से अधिक विद्युत उपकेंद्र हैं। इनसे निकलने वाले फीडर के कई तार जर्जर हैं। लाइनें 15 से 20 वर्ष तक पुरानी हैं। यही वजह है कि तेज हवा चलने पर गांवों की बिजली गुल हो जाती है। लाइनों की लंबाई अधिक होने की वजह से उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की समस्या झेलनी पड़ती है। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने रिवैंप शुरू की है। कार्यदायी एजेंसी ने फीडरों पर जीपीएस सर्वे का काम शुरू कर दिया। -
शहर में सर्वे कार्य में गड़बड़ी
शहर में सर्वे का कार्य कंपनी द्वारा सही से नहीं किया जा रहा है। खानापूर्ति की जा रही है। इसको लेकर निगम की ओर से आपत्ति लगाई गई है। सर्वे कर रही टीम से कहा है विद्युत खंभे की दूरी अधिक है तो बीच में खंभा भी सर्वे में रखा जाए। जिससे केबल न झूले। इसके साथ ही बॉक्स भी लगाया जाए। जिससे अन्य खंभों से बॉक्स पर पड़ने वाला लोड घटेगा तो फॉल्ट की समस्या से निजात मिलेगी।