ओलावृष्टि से खिले किसानों के चेहरे
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शनिवार दोपहर अचानक तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि से मौसम गुलाबी हो गया। 15-20 मिनट तक हुई झमाझम बारिश और ओलावृष्टि से किसानाें के चेहरे खिल गए। अचानक हुई बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी का काम करेगी। जबकि आलू की तैयार फसल को नुकसान हो सकता है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर हुई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की अगैती फसल को आंशिक नुकसान होने की संभावना है, जबकि सरसों और गेहूं की पिछाई फसल के लिए बारिश और ओलावृष्टि संजीवनी का काम करेगी। उन्होंने बताया कि आलू की तैयार फसल में पानी भरने के कारण आलू से मिट्टी चिपकने पर फेस वेल्यू (काला पड़ना) कम होने से किसानों को फसल बेचने पर नुकसान हो सकता है।
जिले के कई इलाकों में केवल बारिश हुई है, जबकि कई इलाकों में बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से किसान खुश हैं। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने कहा कि बारिश और ओलावृष्टि का ज्यादा असर, आलू, सरसों और गेहूं की फसल पर नहीं पड़ता दिखाई दे रहा है। अचानक एक घंटे की बारिश और ओलावृष्टि तीनाें फसलों के लिए नुकसानदायक हो सकती थी।