एटा। मुस्लिम-यादव की राजनीति के ठप्पे को पछाड़कर सपा ने निकाय चुनाव में हर वर्ग काे साधने की कोशिश की है। एम-वाई के अलावा क्षत्रिय, वैश्य और लोधी प्रत्याशी पर भी दांव आजमाया है। टिकट वितरण में जातीय संतुलन साधने की पूरी कोशिश की गई है। जिससे किसी भी वर्ग की नाराजगी का सामना न करना पड़े।यूं तो हर चुनाव में सपा की सूची में यादव और मुस्लिम प्रत्याशियों की बहुलता होती है। विधानसभा चुनाव में एससी के लिए आरक्षित जलेसर को छोड़ अन्य तीनों ही सीटों पर पार्टी ने यादव प्रत्याशी चुनाव में उतारे थे। इनमें से किसी को भी विजय हाथ नहीं लग सकी। इस निकाय चुनाव में पार्टी ने जातीय संतुलन बनाकर सूची जारी की है। अभी सात प्रत्याशियों के नाम सामने आए हैं। इनमें से दो मुस्लिम और एक यादव प्रत्याशी है। एटा और अलीगंज में मुस्लिम और जैथरा में यादव वर्ग के प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। जबकि मारहरा सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है।
वहीं निधौली कलां पर क्षत्रिय, अवागढ़ पर वैश्य और नवगठित नगर पंचायत मिरहची पर लोधी प्रत्याशी को उतारकर भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर दी हैं। ये तीनों ही वर्ग भाजपा के बेस वोटर कहलाते हैं। खासतौर से मिरहची में सपा का लोधी कार्ड यहां के मुकाबले को बेहद रोमांचक बना सकता है। हालांकि अभी सपा की ओर से तीन और प्रत्याशियों की घोषणा बाकी है, लेकिन यह तय है कि अब जातीय समीकरण के लिहाज से भाजपा के लिए प्रत्याशी का चयन बहुत आसान नहीं होगा। साथ ही अपने खास वर्ग के मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में बनाए रखना भी भाजपा के लिए बड़ी चुनौती होगी।