फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एटा : निजी चिकित्सकों की भागीदारी से टीबी को हराया जाएगा

सार

कस्बा मारहरा में एक चिकित्सक ने 15 टीबी मरीजों को गोद लिया।जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि निजी चिकित्सक स्वेच्छा से निक्षय मित्र बनने लगे हैं। डीपीपीएमसी आशीष पाराशर ने बताया कि मरीजों को गोद लेने के बाद चिकित्सक बेहतर ढंग से दवाओं को खाने, समय-समय पर देखभाल करने और अन्य बिंदुओं पर मरीजों को परामर्श देते हैं तो उनका हौसला बढ़ जाता है। ऐसे में मरीज के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद रहती है।
विज्ञापन
टीबी अस्पताल में मरीजों को पोषण किट देते चिकित्सक ।संवाद - फोटो : ETAH
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एटा। टीबी रोग को हराने के लिए निजी चिकित्सकों को निक्षय मित्र बनाकर सहयोग लिया जाएगा। वह टीबी रोगियों को गोद लेकर उन्हें स्वस्थ बनाने में सहयोग करेंगे। शनिवार को यह पहल शुरू हो चुकी है। कस्बा मारहरा में एक चिकित्सक ने 15 टीबी मरीजों को गोद लिया।
विज्ञापन

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि निजी चिकित्सक स्वेच्छा से निक्षय मित्र बनने लगे हैं। शनिवार को टीबी को खत्म करने की दिशा में पहल कस्बा मारहरा से शुरू हो गई। डॉ. सुबोध सक्सेना जिले में सबसे पहले निक्षय मित्र बने। इनके द्वारा 15 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है।
उन्होंने इन मरीजों को पोषण किट भी वितरित कीं। डीपीपीएमसी आशीष पाराशर ने बताया कि मरीजों को गोद लेने के बाद चिकित्सक बेहतर ढंग से दवाओं को खाने, समय-समय पर देखभाल करने और अन्य बिंदुओं पर मरीजों को परामर्श देते हैं तो उनका हौसला बढ़ जाता है। ऐसे में मरीज के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद रहती है। यह अच्छी पहल है और जिले के अन्य चिकित्सकों से भी आशा की गई है कि वह टीबी रोग को खत्म कराने में सहयोग करेंगे। अरविंद सिंह चौहान, सुधीर कुमार, बिजेंद्र वर्मा आदि भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें