एटा। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बूस्टर डोज लगवाने की बात कही जा रही है। वहीं जिला जेल से बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा गया है। इसमें बूस्टर डोज लगाने के लिए कहा गया है। जिले में वैक्सीन ही नहीं है। इससे बंदियों को बूस्टर डोज नहीं लग पा रही है।
जिला जेल से स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि जेल में निरूद्ध बंदियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बूस्टर डोज लगनी है। जेल में कैंप कर बंदियों को वैक्सीन लगाई जाए। वहीं हकीकत चौंकाने वाली है। जिले में कोरोना संक्रमण से बचाव की बूस्टर डोज एक माह से नहीं है। इससे यह लोगों को नहीं लग पा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में साढ़े 12 लाख लोगों को कोरोना का टीका लगाने का लक्ष्य मिला था। इसी के तहत लोगों को पहली व दूसरी डोज लगाई गई। बाद में शासन से फरमान जारी हुआ कि बूस्टर डोज लगाई जाएगी। जिले में तीन लाख 85 हजार लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। अब वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। लोग बूस्टर डोज लगवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं।
कोविड से निपटने के जिले में पर्याप्त इंतजाम हैं। जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। जिला जेल से बंदियों को वैक्सीन लगाने के लिए पत्र आया था। उसका जवाब दे दिया गया है। वैक्सीन आने पर बंदियों को बूस्टर डोज लगाई जाएगी।
डॉ. राम सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी