एटा। स्थानीय नगर निकाय चुनाव के लिए मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया जा रहा है। दावे-आपत्ति पेश करने के लिए केवल सात दिन का समय दिया गया है। लेकिन आलम यह है कि मतदेय स्थलों से बीएलओ ही लापता हैं। ऐसे में लोग कैसे मतदाता बन सकेंगे?
निकाय चुनाव के लिए अनंतिम रूप से मतदाता सूचियां प्रकाशित की जा चुकी हैं। इन पर दावे-आपत्तियां मांगे गए हैं। जिस व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वह नाम दर्ज कराने के लिए 7 नवंबर तक आवेदन कर सकेगा।
इसके अलावा मतदाता के विवरण में संशोधन, गलत दर्ज नाम हटाने के लिए भी इतने ही दिन का समय है। इसके लिए हर मतदेय स्थल पर बीएलओ को मतदाता सूची लेकर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि लोग अपने क्षेत्र के मतदेय स्थल पर पहुंचकर आसानी से सूची देख सकें और इस पर दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकें। लेकिन बीएलओ की कार्यशैली अलग तरह की है। वह मतदेय स्थलों पर नहीं पहुंच रहे हैं।
बुधवार को अमर उजाला की टीम ने शहर के मतदेय स्थलों की पड़ताल की तो स्थिति सामने आ गई। दोपहर 1 बजे प्रिंटिस गर्ल्स इंटर कॉलेज में पढ़ाई चल रही थी, लेकिन कोई बीएलओ नहीं था। 1:30 बजे लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज में भी सन्नाटा पसरा था। वहीं दोपहर 2:30 बजे बच्चों के अवकाश के बाद अविनाशी सहाय आर्य इंटर कॉलेज का गेट ही बंद था।
सभासद पद के संभावित प्रत्याशी बहा रहे पसीना
लोगों के नाम बढ़ाने की जिम्मेदारी सभासद पद के संभावित प्रत्याशी निभा रहे हैं। मतदाता सूची लेकर घर-घर दौड़ लगाते हुए पसीना बहा रहे हैं। पता कर रहे हैं कि कहीं कोई व्यक्ति मतदाता बनने से छूट तो नहीं गया।
कुछ जगहों से बीएलओ के मतदेय स्थलों पर न पहुंचने की शिकायतें मिल रही हैं। आज ही कड़े निर्देेश देकर बृहस्पतिवार से पुनरीक्षण कार्य बेहतर किया जाएगा।
- आयुष चौधरी, एडीएम एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी