ईशन नदी में दबाव बढ़ने से किनारे के इलाकों में बढ़ा पानी। संवाद
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एटा। पिछले साल ईशन नदी में उफान के चलते बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। इसके किनारे के कई इलाके जलमग्न हो गए और लोगों को घर छोड़कर जाना पड़ा था। उस समय इस नदी और आसपास के इलाकों के लिए योजना तैयार करने की बात कही गई लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी बचाव के कोई इंतजाम नहीं हुए हैं।
जबकि हाल में ही बारिश से पानी की अधिकता हो गई है और कई जगह किनारों का कटान भी हो रहा है।
ईशन नदी में जुलाई 2021 में बारिश के दौरान बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। श्याम बिहार कॉलोनी, संजय नगर और वर्मा नगर में जलभराव हो गया। इस कारण इन मोहल्लों का शहर से संपर्क ही टूट गया। मकानों की दीवारों में दरारें होने लगीं और उनके ढहने का खतरा बन गया। समस्या के समाधान के लिए प्रशासन और नगर पालिका ने ईशन नदी की नापतौल कराई। इसमें करीब आठ मीटर तक अवैध कब्जे पाए गए।
बहाव दुरुस्त रखने के लिए कुछ अवैध निर्माणों को तोड़ दिया। कुछ निर्माण स्वामियों को नोटिस दिए गए। बारिश रुकने पर कुछ दिनों में नदी का जलस्तर सामान्य हो गया और मोहल्लों से भी पानी निकल गया। इसके बाद अधिकारी आगामी खतरों की आशंका को भी भूल गए। इसको लेकर नदी के किनारों पर बसे इलाकों के लोग फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गए हैं। पानी लगातार बढ़ रहा है जो लोगों की धड़कनों को बढ़ा रहा है।
ईशन नदी में कुछ स्थानों पर कटान की शिकायतें मिली हैं। वर्तमान में अधिक बारिश के चलते दैवी आपदा की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं, उन पर काम किया जा रहा है। इसके बाद ईशन नदी के कटान पर काम किया जाएगा।
- चंद्रेश कौशिक, जिला आपदा विशेषज्ञ