एटा। गोवंश में लंपी वायरस बुरी तरह से फैला हुआ है। इनका उपचार करने में आयुर्वेद का सहारा लिया जा रहा है। अब आंवला, जीरा, हल्दी और गुड़ के मिश्रण से दवा तैयार करके लंपी बीमारी का खात्मा किया जाएगा। इस विधि से गोवंश की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। इसके लिए पशु चिकित्सक गांव-गांव जाकर पशुपालकों को जागरूक कर रहे हैं।
पशुपालन विभाग के आंकड़ों में अब तक 1017 गोवंश लंपी बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से वर्तमान में 483 गोवंश बीमारी से जूझ रहे हैं, जबकि 534 स्वस्थ हो चुके हैं। पशुपालन विभाग के मुताबिक इस बीमारी को खत्म करने में हल्दी, आंवला, कालीजीरी और मेंहदी का मिश्रण गुड़ में देने से लाभ मिल रहा है।
कोरोना की तरह ही गोवंश को स्वस्थ करने के लिए आयुर्वेद एवं देसी नुस्खा कारगर साबित हो रहा है। इसकी जानकारी गांव-गांव में पशु चिकित्सक दे रहे हैं। पशुपालकों को आयुर्वेद के रूप में तैयार किए गए नुस्खे से गोवंश स्वस्थ भी हो रहे हैं।
प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार मित्तल ने बताया कि आयुर्वेद एवं देसी दवाएं लंपी वायरस को खत्म करने में कारगर साबित हो रही हैं। पशुपालकों को 100-100 ग्राम हल्दी, आंवला, कालीजीरी और मेंहदी का मिश्रण गुड़ में मिलाकर लड्डू के रूप में गोवंश को देना है। इससे लंपी वायरस की चपेट में आए गोवंश बहुत जल्द स्वस्थ होंगे। यह दवा स्वस्थ गोवंश को भी दी जा सकती है, इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं है।