एटा। माध्यमिक शिक्षा विभाग पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहा है। प्रत्येक माध्यमिक विद्यालय में पर्यावरण क्लब बनाए जाएंगे। प्रत्येक कक्षा से कुछ छात्र- छात्राएं पर्यावरण मित्र चुने जाएंगे। इसके साथ ही स्कूलों में वाटिका तैयार की जाएगी।
पर्यावरण संरक्षण को अभी तक मुख्य रूप से प्रशासन और वन विभाग द्वारा ही बढ़ावा दिया जा रहा था। लेकिन अब माध्यमिक शिक्षा विभाग भी अग्रणी भूमिका निभाएगा। इसको लेकर शिक्षा परिषद के सचिव ने डीआईओएस को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत स्कूलों में पर्यावरण क्लब बनाए जाएंगे।
सभी कक्षाओं के कुछ छात्र-छात्राएं पर्यावरण मित्र बनाए जाएंगे। यह अपने साथियों के साथ मिलकर स्कूलों में पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन, स्वच्छता पर कार्य करेंगे। पर्यावरण क्लब के तहत जुलाई से अगस्त में पर्यावरण सप्ताह व पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। इसमें चित्रकला, पोस्टर, प्रतियोगिता, स्लोगन, कविता लेखन, निबंध, कहानी भाषण आदि प्रतियोगिताएं होंगी।
पर्यावरण क्लब के बारे में सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित कर दिया गया है। वह इसका पालन कराएं और पर्यावरण को हरा-भरा बनाने में सहभागिता निभाएं। आज के समय में पेड़-पौधों की काफी जरूरत है। ऐसे में सभी को पौधरोपण करना चाहिए। इनकी देखभाल तब तक करनी चरहिए, जब तक ये वृक्ष न हो जाएं। - मिथलेश कुमार, डीआईओएस