एटा। जिले में ढुलमुल अफसरशाही के चलते कर्मचारी बेलगाम नजर आ रहे हैैं। महज चार दिन में तहसील क्षेत्र जलेसर से संबंधित तीन ऑडियो-वीडियो वायरल हुए हैं। जिनमें लेन-देन संबंधी भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है।
तहसीलों में लेखपाल और कानूनगो की कार्यशैली को लेकर किसान संगठनों से लेकर आमजन तक संतुष्ट नहीं हैं। तमाम संगठनों का कहना है कि हर काम के रेट बना लिए गए हैं। बिना रिश्वत के कोई काम नहीं किया जा रहा। इसकी बानगी हाल में वायरल हुए ऑडियाे व वीडियो हैं। किसान नेताओं का कहना है कि 15 लाख रुपये तक मांगने की हिम्मत लेखपाल बिना किसी सह के नहीं कर सकते। हालांकि, 15 लाख मांगे जाने वाले मामले में चकबंदी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन अन्य मामलों में कार्रवाई का इंतजार है।
रिश्वत वसूली के वीडियो-ऑडियो लगातार हो रहे वायरल
केस 1:
तहसील जलेसर का एक ऑडियो 7 सितंबर काे सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें एक चकबंदी लेखपाल क्षेत्र की ग्रामसभा शाहनगर टिमरुआ के किसान भगवान दास से उसकी पांच बीघा जमीन के काम के लिए 15 लाख रुपये की मांग कर रहा है। किसान के विरुद्ध एंटी भूमाफिया व अन्य कार्रवाई करने की धमकी भी दे रहा है।
केस 2:
जलेसर तहसील में एक लेखपाल ने क्षेत्र पंचायत सदस्य को भी नहीं बख्शा। तहसील क्षेत्र के नूंहखेड़ा पर तैनात लेखपाल की कॉल रिकॉर्डिंग की ऑडियो वायरल हुई। जिसमें वह एक क्षेत्र पंचायत सदस्य से खसरा हिस्सा बनाने के लिए 300 रुपये की मांग कर रहा है।
केस 3:
जलेसर तहसील से ही संबंधित एक वीडियो 10 सितंबर को वायरल हुआ, जो गांव महानमई का बताया जा रहा है। वीडियो में लेखपाल सहित कानूनगो पैमाइश के एवज में रुपये ले रहे हैं। रुपये गिनते हुए नजर आ रहे हैं।
10 हजार रुपये रिश्वत लेते वीडियो वायरल
जलेसर। तहसील जलेसर के रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एक अधिवक्ता तथा किसान से आरके प्रेमलाल सिंह 10 हजार रुपये लेते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि जमीन को संक्रमणीय कराए जाने के नाम पर ये रुपये लिए जा रहे हैं।
जलेसर में स्थायी रूप से एसडीएम न होने के चलते लगातार शिकायतें मिल रहीं हैं। कल जलेसर विधायक और कुछ अधिवक्ताओं के साथ बैठक की थी। व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार प्रयास चल रहे हैैं। दोषियों पर कार्रवाई भी की जा रही है। महानमई का वायरल वीडियो पुराना बताया जा रहा है, हालांकि नए सिरे से इसकी भी जांच कराई जा रही है। -प्रेम रंजन सिंह, डीएम