एटा। बाजरा खरीद के गोलमाल में फंसे एक केंद्र प्रभारी को इस बार 2 केंद्रों का प्रभारी बना दिया गया है। ऐसे में जहां विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं पारदर्शिता के साथ किसानों की उपज खरीदने पर भी संशय मंडरा गया है।
जिले में बाजरा व धान की ख़रीदादारी के लिए 40 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अलीगंज व जैथरा का क्रय केंद्र प्रभारी विपणन कर्मचारी राहुल राणा को बनाया गया है। बीते वर्ष अलीगंज में हुई बाजरा की खरीदारी में राहुल पर गंभीर आरोप लगे थे। वह अलीगंज के क्रय केंद्र प्रभारी थे। बाजरा खरीद में इन पर आरोप थे कि तहसील एवं व्यापारियों से सांठगांठ कर बिना कृषि भूमि वाले किसानों से 100-100 क्विंटल बाजरा की खरीद की थी। किसानों के फर्जी नाम से हजारों क्विंटल खरीदारी की गई। इस पूरे खेल में एक बड़ा सिंडिकेट शामिल था।
जब यह मामला जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह तक पहुंचा, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया। अप्रैल माह में इसकी जांच एएसडीएम वेदप्रिय आर्य को सौंपी गई। लेकिन 6 माह बाद भी जांच पूरी नहीं हो पाई है। उधर, विपणन विभाग ने राहुल को अलीगंज व जैथरा का क्रय केंद्र प्रभारी बना दिया है।