राजा का रामपुर। उमस भरी भीषण गर्मी से लोग जूझ रहे हैं। ऐसे मौसम में बिजली भी परेशानी बढ़ा रही है। पूरे दिन में महज 6 घंटे की आपूर्ति मिल रही है। इसके चलते लोग रात में जागने को मजबूर हैं।
पूरे दिन लोग विद्युत ट्रिपिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। आलम यह है की बार-बार बिजली आती और जाती रहती है। कई बार टू फेस हो जाती है जिसकी वजह से लोगों की रात की नींद और दिन का चैन गायब हो चुका है। रात में लोग मजबूरन बाहर सड़कों पर घूमते नजर आते हैं।
कस्बा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की समस्या से जहां लोगों की नींद उड़ी हुई है। वहीं, धान की फसल की भी गुड़ाई किसान नहीं कर पा रहे हैं। अभी गुड़ाई का समय चल रहा है। किसान तेजी से खेतों में धान को रोप रहा है। लेकिन खेतों को पानी न मिलने के कारण गुड़ाई नहीं हो पा रही है।
4 से 5 घंटे तक गुल रहती है बिजली
रात भर बिजली आती-जाती रहती है। कभी-कभी 4 से 5 घंटे के लिए गुल हो जाती है। उमस भरी गर्मी में कैसे नींद पूरी हो पाए। - प्रमोद कुमार
5 बीघा धान की फसल को गाड़ना था, लेकिन खेत में पानी ही नहीं लग पा रहा है। धान की फसल को पानी में ही गाड़ा जाता है। - रामेश्वर सिंह
ओवरलोडिंग की समस्या की वजह से परेशानी आ रही है। बार-बार लाइन ट्रिप हो जाती है। जल्द इस समस्या का समाधान किया जाएगा। - अर्जुन सिंह, जेई
मेडिकल कॉलेज की बिजली 2 घंटे गुल, परेशान रहे मरीज
एटा। मेडिकल कॉलेज में रविवार रात करीब दो घंटे बिजली गुल रही। ऐसे में इमरजेंसी से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक मरीजों को मोबाइल की फ्लैश लाइट का सहारा लेना पड़ा। गर्मी के चलते चिकित्सकों, मरीजाें और तीमारदारों को दिक्कतों को सामना करना पड़ा।
रविवार की रात मेडिकल कॉलेज में बने बिजली घर के यार्ड में फॉल्ट हो गया। करीब 8 बजे पुराने भवन सहित पोस्टमार्टम गृह से लेकर महिला विंग तक आपूर्ति ठप हो गई। गर्मी के चलते मरीज परेशान होने लगे। पोस्टमार्टम गृह पर मौजूद मृतक के परिजन अंधेरे में थे। यही हाल इमरजेंसी से लेकर महिला विंग तक रहा।
लोगों ने जानकारी की तो कर्मचारियों ने बताया कि लाइन में फाॅल्ट हो गया है। जेनरेटर चलाने की बात पर कर्मचारी कभी डीजल न होने तो कभी रेडिएटर खराब होने का बहाना बनाते रहे। इमरजेंसी के अंदर इन्वर्टर से दो ट्यूब लाइट जरूर जलती रहीं। विद्युत निगम के कर्मचारियों के आने के करीब दो घंटे बाद रात 10 बजे बिजली आपूर्ति सुचारू हो सकी। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एस. चंद्रा ने बताया कि फॉल्ट होते ही विद्युत अधिकारियों को बता दिया गया। इसे ठीक करने में थोड़ा समय लगा, जिसके बाद आपूर्ति सुचारू हो गई।
रिश्तेदार की सड़क दुर्घटना में मौत की खबर सुनकर पोस्टमार्टम गृह पर आए थे। कॉलेज परिसर में करीब दो घंटे तक अंधेरा रहा। शिकायत के बाद भी जेनरेटर नहीं चलाया गया। अंधेरे में मोबाइल के सहारे ही काम करना पड़ा। - शालू यादव, कुनैठा
इमरजेंसी में मरीज को देखने आए थे। यहां करीब 8 बजे से 10 बजे तक बिजली गुल रही। कर्मचारी जेनरेटर खराब होने की बात बोलते रहे। पूरे परिसर में अंधेरा छाया रहा। मरीजों से लेकर तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। - शैलेंद्र कुमार, गोपी