एटा। मेडिकल कॉलेज के पास प्राइवेट एंबुलेंस चालकों का दबदबा बना हुआ है। अभी एक मामला ठंडा नहीं हुआ कि बुधवार रात इमरजेंसी में फिर एंबुलेंस पहुंच गई। मरीज को ले जाने का प्रयास करने लगा। मेडिकल कॉलेज के वार्ड बॉय ने विरोध किया तो एंबुलेंस चालक व उसके साथियों ने पिटाई कर दी।
वार्ड बॉय सत्येंद्र ने बताया कि बुधवार को इमरजेंसी में उसकी ड्यूटी थी। शाम के समय एक प्राइवेट एंबुलेंस का चालक आया और मरीज को बरगलाने लगा। इस दौरान निजी नर्सिंग होम में चलने की बात कहने लगा। मैंने एंबुलेंस के चालक को वहां से जाने को कहा। कुछ समय बाद वह दोबारा आ गया और फिर बरगलाने लगा। एंबुलेंस चालक से मना किया तो इस पर गाली देने लगा। विरोध करने पर चालक के अन्य साथी भी आ गए। इस दौरान इमरजेंसी के बाहर उसकी मारपीट कर दी। अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने आकर मुझे बचाया। सीएमएस डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। वार्ड बॉय से मामले की जानकारी की जाएगी।
एक दिन पहले रेफरल स्लिप में छेड़छाड़ पर हो चुका है बवाल
अभी एक दिन पहले ही प्राइवेट एंबुलेंस की कारस्तान से एक मरीज को जान से हाथ धोना पड़ गया। साथ ही उसके परिजन आर्थिक दोहन का शिकार हुए। 30 अगस्त को मेडिकल कॉलेज से एक हादसे में घायल अंगदपुर निवासी अशोक को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया। वहां प्राइवेट एंबुलेंस चालक पहुंच गया और रेफरल स्लिप पर आगरा के एक नर्सिंग होम का नाम डाल वहां ले जाकर भर्ती करा दिया। 5 सितंबर को वहां उसकी मौत हो गई। इस दौरान नर्सिंग होम में 2 लाख रुपये खर्च करा लिए गए।