एटा। दिव्यांगों के प्रमाणपत्र बनाने के लिए हर सोमवार को सीएमओ कार्यालय में कैंप लगता है। लेकिन चिकित्सकों के देरी से आने या न आने से दिव्यांग परेशान रहते हैं। सोमवार को भी ऐसा ही हुआ। चिकित्सक देरी से पहुंचे तो दिव्यांग परेशान हो गए।
सोमवार को दिव्यांग कैंप में 39 दिव्यांगों ने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किए। हड्डी से संबधित 23 आवेदन दिए गए। जबकि फिजीशियन से संबंधित 5, आंखों से संबधित 4 आवेदन आए। कान से संबधित 7 आवेदन आए। दोपहर 12 बजे हड्डी के चिकित्सक के पहुंचने पर दिव्यागों के प्रमाणपत्र बनना शुरू हुए। शाम चार बजे तक 14 दिव्यांगों के प्रमाणपत्र बनाए गए। 19 दिव्यांगों को जांच के लिए आगरा व अलीगढ़ रेफर किया गया।
वहीं जांच के बाद 6 दिव्यांगों के आवेदन निरस्त कर दिए गए। बोर्ड के अध्यक्ष एसीएमओ डॉ. राममोहन तिवारी ने बताया कि ईएनटी के चिकित्सक अलीगंज से आते हैं। ईएनटी अलीगंज व हड्डी के अवागढ़ से आते हैं। इसलिए थोड़ी समस्या रही। कैंप में 14 दिव्यांगों के प्रमाणपत्र बनाए गए हैं।